Darjeeling, Mirik & Kathmandu

We, along with scores of other tourists, were atop the Tiger Hill, Darjeeling on 21st May 1991 waiting for the sun to rise and unfold the panoramic view of the golden Mount Everest and Kanchenjunga when the news of Rajiv Gandhi’s assassination came over someone’s transistor radio. The excitement of sunrise was replaced with a … Continue reading Darjeeling, Mirik & Kathmandu

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राहु केतु और सूर्य ग्रहण

'दान  करो,  दान  करो'. कौपीन  धारण  किए  ब्राह्मण  कंधे  पर  झोला  लटकाए  हर  द्वार  पर  गुहार  लगा  रहे  थे.  हर  द्वार  से  उन्हें  गेहूँ,  चावल,  दाल  आदि  दान  के  रूप  में  मिल  रहा  था.  अम्मा  ने  भी  एक  थाली  में  कुछ  गेहूँ  रखे,  मेरा  हाथ  लगवाया,  ताकि  इस  दान  का  पुण्य  मुझे  मिले,  और  ब्राह्मण … Continue reading राहु केतु और सूर्य ग्रहण

एक नगर जो कस्बा बन गया

“ॐ भूर्भुवः स्व तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात॥“  गायत्री  मंत्र  के  उच्चारण  के  साथ  ही  देवी  माँ  की  प्रतिमा  की  स्थापना  का  कार्यक्रम  लगभग  समाप्ति  पर था. शेष  था  केवल  प्रसाद  वितरण  एवं  भोज. तभी,  घंटों  की  गूँज  और  शंखनाद  के  ऊपर  उठती  हुई  पुरोहित  जी  की  गंभीर  वाणी  सुनाई  पड़ी, "यह … Continue reading एक नगर जो कस्बा बन गया

हिन्दुस्तान केवल हिंदुओं के लिए ?????

हाल  ही  में  एक  छोटे  से  नेता  ने  उद्घोषणा  की  कि  हिन्दुस्तान  केवल  हिंदुओं  के  लिए  है. मन  में  यह  जानने  की  इच्छा  जाग्रत  हुई  कि  देश  के  135  करोड़  नागरिकों  में  कौन  हिंदू  हैं  और  कौन  हिंदू  नहीं  हैं.  क्या  हिंदू  धर्म  को  मानने  वाले  ही  हिंदू  हैं? क्या  हिंदू  नाम  का  कोई  धर्म  … Continue reading हिन्दुस्तान केवल हिंदुओं के लिए ?????