कश्मीर में दो हफ्ते

गर जन्नत  है  ज़मीन  पे  कहीं यहीं  पे  है  हमीनस्तो, हमीनस्तो, हमीनस्तो श्रीनगर  पहुँचने  से  पहले  ही  फिरदौस  की  इन  पंक्तियों  की  सच्चाई  झलकने  लगी  थी. हम, महाराणा भूपाल कॉलेज, उदयपुर के  भूगर्भ  विज्ञान  के  छात्र,  कश्मीर, जो  कभी सागर  में  था, में  पाए जाने  वाले  फॉस्सिल्स  एकत्र  करने  और  उनका  अध्ययन  करने  के  लिए … Continue reading कश्मीर में दो हफ्ते

सुहाना सफ़र – 5

तब  लखनऊ  और  दिल्ली  के  बीच  सफ़र  करने  के  लिए  दो  ही  ट्रेन  सुविधाजनक  होती  थीं.  लखनऊ एक्सप्रेस  और  लखनऊ  मेल.  दोनों  ही  रात  को  चलती  थीं  और  सुबह  पहुँच  जाती  थीं.  एक्सप्रेस  कानपुर अलीगढ़  के  रास्ते  चलती  थी और  मेल  मुरादाबाद  के  रास्ते.  न जाने  क्यों,  लेकिन  मेल  बेहतर  ट्रेन  मानी  जाती  थी.  हवाई … Continue reading सुहाना सफ़र – 5